नेशनल हेराल्ड केस: स्वामी की याचिका पर राहुल-सोनिया को नोटिस

नई दिल्ली, News Nation Bureau | Updated : 27 August 2016, 06:18 PM
Source- Getty Images
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नेशनल हेराल्ड मामले में कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा 5 अन्य को नोटिस जारी किया है। बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कोर्ट ने कांग्रेस से दस्तावेज की मांग की है।

पटियाला हाउस कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड मामले में राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की मांग को स्वीकार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेशनल हेराल्ड से जुड़े सभी दस्तावेजों की प्रति याचिकाकर्ता को दी जाए।

नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उनके बेटे राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीस, सुमन दुबे और सैम पित्रोदा आरोपी हैं।

क्या है नेशनल हेराल्ड मामला?

- नेशनल हेराल्ड अखबार की स्थापना 1938 में देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी। 

- अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू में निकलने वाले इस अखबार का मालिकाना हक एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) के पास था।

- स्वतंत्रता के बाद 1956 में एजेएल को अव्यवसायिक कंपनी के रूप में स्थापित किया गया और कंपनी एक्ट धारा 25 के अंतर्गत इसे कर मुक्त कर दिया गया। लेकिन 2008 में एजेएल पर 90 करोड़ रुपए का कर्ज चढ़ गया। 

- इससे निपटने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने 'यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड' नाम की एक नई अव्यवसायिक कंपनी बनाई जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा मोतीलाल वोरा, सुमन दुबे, ऑस्कर फर्नांडिस और सैम पित्रोदा को निदेशक बनाया गया। 

- 'यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड' ने 'एजेएल' का अधिग्रहण कर लिया। साथ ही कांग्रेस ने इस कंपनी को 90 करोड़ रुपए कर्ज भी दिये। 

- कांग्रेस के धुर विरोधी माने जाने वाले सुब्रमण्यम स्वामी ने साल 2012 में एक याचिका दायर कर कांग्रेस के नेताओं पर 'धोखाधड़ी' के आरोप लगाये।

- स्वामी ने अपनी याचिका में कहा कि 'यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड' ने सिर्फ 50 लाख रुपयों में 90.25 करोड़ रुपए वसूलने का उपाय निकाला जो नियमों के खिलाफ है। 

- इस मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत अन्य आरोपी कोर्ट में पेश भी हो चुके हैं।